गोमर्डा अभ्यारण्य से भटककर किसान की बाड़ी में पहुंचे तेंदुए के शावक, एक को वन विभाग को सौंपा
सरायपाली के कंवरपाली गांव का मामला, वन्यजीव प्रेमी किसान डोलचंद पटेल ने दिखाई संवेदनशीलता; दूसरे शावक की भी तलाश की आशंका
सरायपाली। गोमर्डा अभ्यारण्य के जंगल से भटककर तेंदुए के दो शावक सरायपाली वन परिक्षेत्र के कंवरपाली गांव में एक किसान की बाड़ी तक पहुंच गए। शावकों को देखकर किसान डोलचंद पटेल ने सूझबूझ और संवेदनशीलता का परिचय दिया। उन्होंने एक शावक को वन विभाग के सुपुर्द कर दिया। वहीं, दूसरे शावक की मौजूदगी को लेकर भी आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, गोमर्डा अभ्यारण्य के जंगल से एक मादा तेंदुआ अपने दो शावकों के साथ गांव की ओर पहुंची थी। इसी दौरान दोनों शावक किसान डोलचंद पटेल की बाड़ी में नजर आए। वन्यजीवों के प्रति प्रेम रखने वाले पटेल ने मामले को गंभीरता से लिया और एक शावक को वन विभाग के हवाले कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र में वन्यजीवों की आवाजाही को लेकर ग्रामीणों के बीच चर्चा शुरू हो गई है।
मां से बिछड़ने की आशंका, दूसरे शावक पर भी नजर
तेंदुए के एक शावक के मिलने के बाद दूसरे शावक और मादा तेंदुए की मौजूदगी को लेकर सतर्कता जरूरी हो गई है। ऐसे में वन विभाग की निगरानी और सावधानीपूर्ण कार्रवाई अहम है, ताकि शावकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ मादा तेंदुए को भी किसी तरह का खतरा न हो।
वन्यजीव दिखें तो बरतें सावधानी
जंगल से लगे गांवों में कभी-कभी वन्यजीव भोजन, पानी या अन्य कारणों से आबादी के करीब पहुंच जाते हैं। ऐसी स्थिति में ग्रामीणों को घबराने, भीड़ लगाने या वन्यजीवों के करीब जाने से बचना चाहिए। खासकर तेंदुए के शावक दिखाई देने पर उन्हें छूने, पकड़ने या अपने पास ले जाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, क्योंकि उनकी मां आसपास हो सकती है।
वन्यजीव दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें। मानव और वन्यजीवों के बीच सुरक्षित सह-अस्तित्व के लिए ग्रामीणों की सतर्कता और वन विभाग का सहयोग बेहद जरूरी है।
कंवरपाली गांव की इस घटना में किसान डोलचंद पटेल की संवेदनशीलता ने वन्यजीवों के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया है।
